मॉडल गर्ल का जीवन एक रोलरकोस्ट राइड है – चमकते रैंप, फ्लैशिंग कैमरे और ग्लोबल ब्रांड्स की दुनिया। लेकिन इस ग्लैमर के पीछे छिपी है सख्त डिसिप्लिन वाली लाइफस्टाइल। सुबह 4:30 बजे उठना, वर्कआउट और न्यूट्रिशन प्लान फॉलो करना – यही उनकी सफलता का राज है। आज हम इस लाइफस्टाइल को करीब से देखेंगे।
दिन की शुरुआत ग्रीन स्मूदी से होती है – पालक, केला, बादाम मिल्क और प्रोटीन पाउडर। उसके बाद 45 मिनट का कार्डियो या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग। मॉडल्स जानती हैं कि 5’7″ हाइट और स्लिम फिगर बनाए रखना कितना जरूरी है। लंच में ग्रिल्ड चिकन सलाद या क्विनोआ, डिनर लाइट – सब्जियां और फिश। पानी का सेवन 4 लीटर तक होता है। सप्लीमेंट्स जैसे विटामिन डी और कोलेजन स्किन को ग्लोइंग रखते हैं।
फैशन इंडस्ट्री में दिन व्यस्त रहता है। मॉर्निंग में पोर्टफोलियो शूट, दोपहर में डिजाइनर मीटिंग्स और शाम को सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएशन। इंस्टाग्राम पर रील्स बनाना आजकल ब्रांड डील्स का दरवाजा खोलता है। ट्रेंडिंग लुक्स जैसे सस्टेनेबल फैशन या एथलीजर को अपनाना पड़ता है। ग्रूमिंग में फेशियल, मसाज और हेयर ट्रीटमेंट रेगुलर हैं। लेकिन बॉडी पॉजिटिविटी को प्रमोट करना भी अब ट्रेंड है।
चुनौतियां कम नहीं। सीजनल वर्क, कॉम्पिटिशन और मेंटल हेल्थ इश्यूज। कई मॉडल्स थेरेपी या कोचिंग लेती हैं। प्रियंका चोपड़ा जैसी आइकॉन्स ने हॉलीवुड तक का सफर तय किया, जो बताता है कि स्किल्स डेवलप करना जरूरी है – एक्टिंग, पब्लिक स्पीकिंग। फ्रीलांस मॉडल्स के लिए एजेंसी चुनना स्मार्ट मूव है। फाइनेंशियल प्लानिंग में टैक्स, सेविंग्स और इनवेस्टमेंट्स पर ध्यान।
रात 10 बजे सोना और 8 घंटे नींद – यही रिकवरी का समय। हॉबीज जैसे डांसिंग या ट्रैवलिंग से रिफ्रेश होती हैं। मॉडल गर्ल लाइफस्टाइल सिर्फ करियर नहीं, बल्कि सेल्फ-लव की मिसाल है। नई लड़कियां शुरू करें पोर्टफोलियो बनाकर, लोकल शूट्स से। याद रखें, कॉन्फिडेंस सबसे बड़ा एसेट है।
यह लाइफस्टाइल सिखाती है कि मेहनत से सपने पूरे होते हैं। मॉडल गर्ल बनना आसान नहीं, लेकिन संभव है!